रामेश्वरम · ज्योतिर्लिंग दर्शन · दक्षिण भारत
एक धाम रामेश्वरम तीर्थ यात्रा
13 दिन में रामेश्वरम ज्योतिर्लिंग, कन्याकुमारी, त्रिवेन्द्रम, मदुरै, श्रीरंगम, श्रीपुरम स्वर्ण मंदिर, तिरुपति बालाजी एव…
- 06 दिसम्बर 2026
- 27 दिसम्बर 2026
- 31 जनवरी 2027
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रामेश्वरम · द्वारिकापुरी · जगन्नाथपुरी · नेपाल – काठमांडू · ज्योतिर्लिंग दर्शन · दक्षिण भारत · गंगासागर · अयोध्या – काशी
ग्यारह ज्योतिर्लिंग, कन्याकुमारी, तिरुपति, गंगासागर एवं नेपाल दर्शन
स्पेशल ट्रेन द्वारा 29 दिन में द्वारिका, रामेश्वरम व जगन्नाथपुरी — तीनों धाम, ग्यारह ज्योतिर्लिंग, कन्याकुमारी, तिरुपति, गंगासागर एवं नेपाल–काठमांडू दर्शन।
तीन धाम स्पेशल तीर्थयात्रा रेलगाड़ी द्वारा 29 दिवसीय यात्रा, जिसमें ग्यारह ज्योतिर्लिंग, कन्याकुमारी, तिरुपति, गंगासागर एवं नेपाल (काठमांडू) दर्शन सम्मिलित हैं।
स्पेशल ट्रेन 03 जनवरी 2027, रविवार को जयपुर/कोटा रेल्वे स्टेशन से प्रस्थान करेगी।
यात्रा कार्यक्रम में (*) चिन्हित स्थानों पर रेल्वे स्टेशन से मंदिर तक ले जाने और घुमाकर स्टेशन वापस लाने के लिए बस की व्यवस्था कम्पनी की रहेगी, यानि यात्रियों को पैदल कम चलना पड़ेगा।
₹53,500 प्रति सवारी
अग्रिम बुकिंग राशि: ₹2,000
भोजन, चाय, नाश्ता, मोटर, बस, स्टीमर सहित रेल्वे के दूसरे दर्जे का किराया।
अग्रिम बुकिंग हेतु ₹2,000 प्रति सवारी नकदी "जय भवानी शंकर तीर्थ यात्रा कम्पनी" हिण्डौन सिटी अथवा किसी भी ब्रांच ऑफिस पर जमा करायें।
शेष राशि यात्रा प्रारम्भ होने से आठ दिन पूर्व जमा करानी होगी।
पहला दिन
जयपुर / कोटा / दिल्ली रेल्वे स्टेशन से यात्रा रवाना होगी।
दूसरा दिन
नर्वदा स्नान, ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग दर्शन। (उज्जैन से बस द्वारा जायेंगे)
तीसरा दिन
शिप्रा स्नान, महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग दर्शन, बड़ा गणेश मंदिर, हरसिद्धि माता मंदिर, संतोषीमाता मंदिर।
चौथा दिन
त्रिवेणी संगम स्नान, सोमनाथ महादेव ज्योतिर्लिंग दर्शन, परम धाम गमन, कामनाथ महादेव।
पाँचवाँ दिन
गोमती गंगा स्नान, समुद्र स्नान, द्वारिकाधीश मन्दिर दर्शन।
पाँचवाँ दिन
भेंट द्वारिका, श्री कृष्ण महल, रुक्मणी मन्दिर, नागेश्वर ज्योतिर्लिंग दर्शन, गोपी तालाब।
सातवाँ दिन
भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग के दर्शन। (पूना व मनमाड से बस द्वारा प्रस्थान)
आठवाँ दिन
त्र्यम्बकेश्वर ज्योतिर्लिंग, गोदावरी गंगा स्नान, पंचवटी, सीता गुफा, मारीच गुफा।
आठवाँ दिन
शिरडी साईं बाबा के दर्शन। (बस द्वारा प्रस्थान)
नौवाँ दिन
घुश्मेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन। (बस द्वारा प्रस्थान)
नौवाँ दिन
विश्व विख्यात शनिदेव जी का प्राचीन मंदिर (यहाँ पर आज भी दुकानों व घरों पर चौखट/दरवाजे नहीं हैं)।
दसवाँ दिन
परली बैजनाथ महादेव ज्योतिर्लिंग के दर्शन।
ग्यारहवाँ दिन
भगवान वेंकटेश्वर के दर्शन, तिरुपति बालाजी मंदिर तिरुमला पहाड़ी पर स्थित। (स्थानीय बस द्वारा)
तेरहवाँ दिन
कन्याकुमारी मन्दिर दर्शन, हिन्द, बंगाल, अरब तीनों समुद्रों का संगम स्नान, विवेकानन्द शिलास्मारक, कन्याकुमारी सूर्य उदय या सूर्यास्त दर्शन।
चौदहवाँ दिन
रामेश्वरम् धाम, समुद्र स्नान, रामकुण्ड, सीताकुण्ड, राम झरोखा, बाईस कुण्ड स्नान, रामेश्वरम् ज्योतिर्लिंग दर्शन।
पन्द्रहवाँ दिन
मीनाक्षी देवी मंदिर, सुन्दरेश्वर महादेव मंदिर दर्शन।
सोलहवाँ दिन
श्री मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग। (विजयवाड़ा से बस द्वारा जायेंगे)
अठारहवाँ दिन
जगन्नाथपुरी मंदिर धाम दर्शन, सिंह द्वार, अश्व द्वार, सागर स्नान। स्टेशन से मंदिर की दूरी 1 मील है।
उन्नीसवाँ दिन
गंगासागर महातीर्थ स्नान, कपिल मुनि भगवान के दर्शन। (कलकत्ता से बस द्वारा प्रस्थान)
बीसवाँ दिन
कालीदेवी मंदिर, हावड़ा ब्रिज, विक्टोरिया मैमोरियल।
इक्कीसवाँ दिन
बोधगया मुख्य मन्दिर, नौलखा मन्दिर, जापानी मन्दिर, तिब्बती मन्दिर।
इक्कीसवाँ दिन
फल्गू स्नान, अक्षय वट, पिण्डदान भूमि में, विष्णु पद दर्शन।
बाईसवाँ दिन
गंगा स्नान, काशी विश्वनाथ ज्योतिर्लिंग दर्शन, अन्नपूर्णा मंदिर, तुलसी मानस मंदिर दर्शन।
तेईसवाँ दिन
तेईसवें दिन यात्री बस द्वारा नौतनवां से चलकर देर रात्रि तक काठमांडू पहुँचेंगे व रात्रि विश्राम काठमांडू में।
चौबीसवें दिन पशुपतिनाथ दर्शन, बागमती गंगा, स्वयंभू, बूढ़ा नीलकंठ दर्शन करके, पच्चीसवें दिन काठमांडू से नौतनवां के लिए प्रस्थान।
छब्बीसवाँ दिन
प्रयागराज त्रिवेणी संगम स्नान, अक्षय वट, पुराना किला, हनुमान मंदिर दर्शन।
सत्ताईसवाँ दिन
सरयू स्नान, रामजन्म भूमि, हनुमानगढ़ी, कनक भवन, सीता रसोई, मनीराम छावनी दर्शन।
अट्ठाईसवाँ दिन
हरिद्वार हर की पौड़ी स्नान।
उनतीसवाँ दिन
जयपुर / कोटा रेल्वे स्टेशन पर यात्रा का समापन।
स्पेशल तीर्थयात्रा रेलगाड़ी (रेल्वे का दूसरा दर्जा)।
(*) चिन्हित स्थानों पर स्टेशन से मंदिर तक बस; घूमने के लिए बस एवं स्टीमर की सुविधा।
प्रत्येक यात्री को शयन हेतु गद्देदार बर्थ की व्यवस्था रहेगी। यात्री अपने साथ हल्के बिस्तर लायें। जहाँ ट्रेन नहीं होगी, यात्रियों के ठहरने की व्यवस्था धर्मशाला में कम्पनी की तरफ से की जायेगी।
यात्रियों को यात्रा समय में चाय, नाश्ता, दोपहर एवं रात्रि भोजन में एक दाल, एक सब्जी, चावल, रोटी का पूरा प्रबन्ध कम्पनी का रहेगा। शाम चार बजे चाय दी जायेगी।
प्रत्येक यात्री अपने साथ में एक पासपोर्ट साइज का फोटो अवश्य लावे, क्योंकि रेल्वे के अनुसार स्पेशल ट्रेन में यात्रा करने वाले यात्रियों के पहचान पत्र होना अति आवश्यक है (डाक से नहीं भेजें)। पहचान पत्र बनवाने की जिम्मेदारी हमारी कम्पनी की होगी।
आप यात्रा के समय एक प्लास्टिक की बाल्टी, कपड़ा सुखाने की रस्सी, टॉर्च, दवा (यदि आप कोई दवा लेते हो) साथ में लाएँ। साथ में हल्के बिस्तर भी लाएँ।
हमारी तीर्थयात्रा ट्रेन में अकेली महिलाएँ व वृद्धजन भी यात्रा कर सकते हैं, क्योंकि हमारी गाड़ी का माहौल घर परिवार जैसा ही रहता है, जिससे अकेलापन महसूस नहीं होता।
चिन्हित (*) स्थानों के लिए बस की व्यवस्था रेल्वे स्टेशन से मंदिर तक ले जाने की और वहाँ से घुमाकर स्टेशन वापस लाने की व्यवस्था हमारी कम्पनी की रहेगी। जहाँ पर (*) नहीं है मन्दिर स्टेशन से नजदीक है; यात्रियों को पैदल या स्वयं के खर्चे से चलना होगा। गाइड साथ रहेंगे जो यात्रियों का मार्गदर्शन करेंगे।
प्रत्येक बोगी पर सामान की सुरक्षा हेतु चौकीदारों की व्यवस्था कम्पनी की रहेगी। कदापि यात्रियों के नुकसान की जिम्मेदारी नहीं होगी। रसोई बनाने वाले एवं भोजन कराने हेतु पर्याप्त आदमियों की व्यवस्था कम्पनी की होगी।
आवश्यकता पड़ने पर यात्री को डॉक्टर के पास ले जाने या डॉक्टर बुलाने का खर्चा स्वयं यात्री को वहन करना होगा।
एल.टी.सी. / एल.एफ.सी. प्राप्त करने वाले यात्रियों को अपनी मनी रसीद, यात्रा का प्रमाण पत्र व रेल्वे द्वारा यात्रा प्रोग्राम की प्रति देंगे, परन्तु एल.टी.सी. दिलाने की कोई जिम्मेदारी कम्पनी की नहीं होगी।
रेल्वे बोर्ड के पत्र सं. आर/ए 41/197 पी.टी. 10 (पॉलिसी) रूल नं. 305 (9) दिनांक 25.9.97 के अनुसार स्पेशल ट्रेन व स्पेशल बोगी के लिए वरिष्ठ नागरिक, बच्चे व विकलांग आदि की सभी रेल किराया छूटें रद्द हैं, इसलिए इस यात्रा में ऐसी कोई छूट उपलब्ध नहीं है।
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